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World Greatest Sales Man Quote

Posted by maheshpareek on December 11, 2008

Author OG MANDINO

Worlds Greatest Salesman

World's Greatest Salesman

British साहित्यकार इलियट ने एक बार लिखा था कि “रोजमर्रा की जिंदगी जीने में हम जीवन के अर्थ को भूल जाते हैं। बहुत अधिक ज्ञान के बीच हम अपनी बुद्धिमानी को भूल जाते हैं और बहुत अधिक सूचनाओं के बीच हम ज्ञान की झलक पाने से चूक जाते हैं।”

दूसरे शब्दों में हम यह कह सकते हैं कि “बहुत अधिक इनफॉर्मेशन फैक्ट्स एवं फीगर्स इकट्ठे करने का मतलब यह नहीं है कि हम ने नॉलेज अर्जित कर ली है। इसी तरह से बहुत अधिक नॉलेज अर्जित कर लेने से यह अर्थ नहीं कि हम बुद्धिमान बन गए हैं और यदि हम बहुत अधिक बुद्धिमान बन भी गए हैं, तो इसका अर्थ यह नहीं की हम अपने जीवन के अर्थ और उद्देश्यों को समझ चुके हैं।”

इस संसार में ऎसे लोग बहुत ही कम मिलते हैं जो ज्ञानी, बुद्धिमान और जीवन के अर्थ को समझने वाले हों। यह सलाह अक्सर दी जाती है कि यदि आपको संसार पर अपनी इच्छाओं का झंडा लहराना है तो एक सोची-समझी रणनीति के तहत लोगों के पास कुछ चुनी हुई सूचनाएं जबरदस्त प्रयासों के जरिए पहुंचानी चाहिए। ऎसा करने से उनकी सोच पर काबू पाया जा सकता है। सोच यदि कब्जे में है, तो यह संसार कब्जे में है। द्वितीय विश्वयुद्ध में एक अमरीकी कमांडर ने एक बार कहा था कि “हमारा टारगेट दुश्मन फौज के सैनिकों के शरीर नहीं हैं, हमारा वास्तविक टारगेट तो उनके कमांडर का माइंड है। यदि वह डर गया, तो समझो हमने युद्ध जीत लिया।” इसी तरह से एक अन्य सैन्य विशेषज्ञ ने कहा था कि “दुश्मन का अर्थ व्यक्तियों के समूह से है, जिसमें से कुछ को मार दिया जाता है, कुछ को या तो गिरफ्तार कर लिया जाता है या उन्हें छिपने के लिए मजबूर कर दिया जाता है और बाकी बचे नब्बे प्रतिशत लोगों की सिर्फ सोच बदली जाती है, ताकि उनके जीने का ढंग वैसा हो, जैसा आप चाहते हैं।” शायद इसीलिए भारत का कॉर्पोरेट वल्र्ड मैनेजमेंट विशेषज्ञों की सलाह पर लगभग तीस हजार करोड रूपए विज्ञापनों पर खर्च करता है, ताकि ग्राहक की सोच पर काबू पाया जा सके। तकरीबन दो लाख करोड रूपए वह मार्केटिंग पर खर्च करता है, ताकि उसके सेल्समैन, डीलर्स और डिस्ट्रीब्यूटर्स ग्राहक को हिप्नोटाइज करके ये बता सकें कि उनका प्रॉडक्ट बेस्ट है। इनफॉर्मेशन के इस वॉर में कॉर्पोरेट वल्र्ड ने साधारण परिवार वालों को भी अपनी सेना में शामिल कर लिया है। जो एम.एल.एम. मार्केटिंग आदि के तहत कब किस प्रॉडक्ट को बेच डालते हैं, पता ही नहीं चलता है। कॉर्पोरेट वल्र्ड में कुछ अपवादों को छोडकर अनगिनत ऎसे असफल उदाहरण मिलते हैं, जहां बिना विज्ञापन या सूचना प्रदान किए प्रॉडक्ट बेचने की कोशिश हुई, परन्तु उसका कोई फल प्राप्त नहीं हुआ।

Management is like a formula and the prime elements of the formula are planning, delegation, and control. Planning is the most important part of leadership. And it is essential about having a plan and a set of objectives, and building a team that has drive to attain them. An ideal plan should be able to provide a clear blue print for the members of an organization.

Planning is to be followed by delegation. No manager can do everything on his own. He has to delegate work to his team members and entrust them with responsibilities. This will help him to successfully operationalise his plan.

Now, it’s  the turn of the manager to review the progress of his plan on a periodic basis. This means that he should be always be in control of situation. This is necessary step as it will send out the right message th the team and make them aware of the fact that their work is always being monitored, and that they are answerable to someone at all stage of a plan’s implantation. 

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